(17) TIME TRAVEL (समय यात्रा )||||

हेलो दोस्तों टाइम ट्रेवल के बारे में तो अपने सुना ही होगा जिसे हम हिंदी में समय यात्रा भी कहते है ये सुनने में तो बड़ा अच्छा लगता है लेकिन इसके पीछे का लॉजिक दिमाग को चकरा देता है हम सभी चाहते है की हम समय में पीछे जाकर अपने द्वारा की गई गलतियों को सुधार सके और अपने भविष्य में भी समय यात्रा करके अपने आने वाले भविष्य को जान सके पर आपको क्या लगता है की time travel संभव है अगर वैज्ञानिकों की नज़र से देखा जाये तो समय यात्रा संभव है हम अभी भी समय यात्रा कर रहे है हम सभी अभी भूतकाल से गुजरकर वर्तमान से होते हुए लगातार भविष्य की और बढ़ रहे है इसी को हम समय यात्रा कहते है हमारी समय में यात्रा की दर 1 hour \ hour की दर से है यानि हमे भविष्य में एक घंटा आगे जाने के लिए एक घंटे का ही समय लगेगा पर क्या समय यात्रा की स्पीड को इसे ज्यादा किया जा सकता है यानि हम छोटे से अंतराल में ही हम हजारो साल आगे जा भविष्य में जा सकते है हां बिलकुल जा सकते है वैसे तो समय यात्रा कई थेओरीयो के द्वारा संभव है लेकिन हम सिर्फ एक थ्योरी के बारे में बात करेंगे अल्बर्ट आइंस्टीन की थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी के बारे में | अल्बर्ट आइंस्टीन में सापेक्ष्ता का सिध्दांत प्रकाशित किया था उसी के आधार पर टाइम ट्रेवल की कल्पना की जाने लगी अल्बर्ट आइंस्टीन से पहले आइजैक न्यूटन की थ्योरी कहती थी की टाइम हर जगह समान है फिर चाहे वो स्पेस हो या कोई प्लेनेट आज जो टाइम धरती पर है वही टाइम सब जगह है पर अल्बर्ट आइंस्टीन ने इस थ्योरी को गलत बताया है उन्होंने कहा है की टाइम अलग अलग जगहों पर अलग अलग है यानि टाइम स्पेस में अलग होता है और प्लेनेट पर अलग| कही टाइम स्लो होता है तो कही टाइम फ़ास्ट| टाइम एक नदी की तरह है जिसमे पानी कही धीमी रफ़्तार से चलता है तो कही तेज रफ़्तार से| अल्बर्ट आइंस्टीन की स्पेस टाइम की equation से ही टाइम ट्रेवल संभव है इस equation के अनुसार अगर कोई वस्तु जितनी तेज चलेगी उसके लिए टाइम उतना ही धीमा हो जायेगा जैसे की आप अगर किसी फास्ट ट्रेन या फिर हवाई जहाज में सफर कर रहे है और जब आप यात्रा के बाद हवाई जहाज से बहार निकलेंगे तो आप अपने टाइम से थोड़ा आगे होंगे स्पीड कम होने की वजह से आप केवल 1 सेकंड के करोडवे हिस्से के बराबर आगे होंगे | अगर आपका हवाई जहाज लाइट की स्पीड से चलने लगे तो जहाज में बैठे यात्रियों के लिए टाइम स्लो जायेगा और उन्हें बहार की दुनिया तेजी से चलती दिखाई देगी और जहाज के कुछ पल भी कई महीनो के बराबर होंगे हलाकि जहाज में बैठे लोगो को तो अंदर का समय सामान्य महसूस होगा लेकिन बहार की दुनिया के कम्पेरिज़न मे जहाज के अंदर का टाइम बहुत स्लो हो चूका होगा माना की आपका हवाई जहाज अगर एक हफ्ते में रुके तो आप लगभग धरती के 70 साल फ्यूचर में जा चुके होंगे आपके बच्चे आपके सामने बूढ़े हो चुके होंगे| आपका सिर्फ एक हफ्ता लगा और उनके 70 साल ये है टाइम ट्रेवल | पर टाइम ट्रेवल में सिर्फ हम फ्यूचर में ही जा सकते है पास्ट में नहीं जा सकते पर सवाल ये आता है की क्या हम कोई ऐसा जहाज या ट्रेन बना सकते है जो लाइट की स्पीड से ट्रेवल कर सके शायद आज के टाइम में हमे ये इम्पॉसिबल लगे पर आने वाले टाइम में ऐसा हो सकता है पर थ्योरी ऑफ़ रिलेटिविटी के अनुसार अगर किसी वास्तु की स्पीड बढ़ जाएगी तो उसका मास्स यानि द्रव्यमान भी बढ़ता है अगर हमे कोई लाइट की स्पीड से चलने वाली वास्तु बनानी है तो हमे बहुत सारी एनर्जी की जरुरत पड़ेगी और हम ये कर सकते है

2 thoughts on “(17) TIME TRAVEL (समय यात्रा )||||

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: